कविताएँ :: अखिलेश सिंह
Posts tagged लोक
मुझे नहीं चाहिए वह ख़ुदा जो मुझसे क़यामत के रोज़ मुख़ातिब होगा
कविताएँ :: अनस ख़ान
मेरी देह पर प्रयोग की विफलता के निशान हैं
कविताएँ :: अमित झा
अपने हिस्से का आकाश देखने के बाद लोग देखते हैं अपने हिस्से के तारे
कविताएँ :: जतिन
सपना है कि सपने नए हों और उनमें ख़ूब जगह हो
कविताएँ :: मनोज कुमार झा
रंग मेरा इष्ट है और क्या है रंग से अलग?
महाप्रकाश की कविताएँ :: मैथिली से अनुवाद और प्रस्तुति : बालमुकुंद