शरद जोशी के कुछ उद्धरण ::
स्तब्धता मेरा समर्पण थी
कविताएँ :: अमित तिवारी
अनंत की ओर क़दम
हेलेन केलर के कुछ उद्धरण :: अनुवाद : भवानी प्रसाद मिश्र
सुख सिर्फ़ अनलिखे में होता है
कविताएँ :: शिवदीप
सबसे बड़ा ख़ौफ़ सच हो गया
नज़्में :: शारिक़ कैफ़ी
तबीयत को रँगो जिस रंग में रँगती ही जाती है
पाठ :: देवीलाल गोदारा