कविताएँ :: अमन त्रिपाठी
जीवन में बस एक बार बिना अकेले पड़े वही होना चाहता था जो हूँ
उगैनियस अलिशंका की कविताएँ :: अँग्रेज़ी से अनुवाद : सरबजीत गरचा
वसंत को भूल जाओ फ़िरदौस, ये सब फ़ालतू बातें हैं
कविताएँ :: स्मृति झा
हमें दया के नाटक से बचना होगा—सबसे निर्दय हमारी दया है
कविताएँ :: सृष्टि वत्स
एक नए शिल्प पर काम कर रहा है बहुत दिनों से टिका हुआ दुःख
कविताएँ :: अखिलेश सिंह
मुझे नहीं चाहिए वह ख़ुदा जो मुझसे क़यामत के रोज़ मुख़ातिब होगा
कविताएँ :: अनस ख़ान