श्रम सुस्त कर देता है सभी इंद्रियों को और स्त्रियों के बारे में किसी भी ख़याल को in कविताएँ विश्व कविता on सितम्बर 9, 2026 सितम्बर 9, 2026 सीज़र पावेसी की कविताएँ :: अँग्रेज़ी से अनुवाद : शायक आलोक