मार्गरेट एटवुड के उपन्यास ‘द हैंडमेड्स टेल’ का एक अंश :: अनुवाद और प्रस्तुति : यादवेंद्र
Posts tagged स्त्री विमर्श
सिर्फ उन्हीं को जलाना जो सूखे हैं और सड़ चुके हैं
कविताएं :: नेहा नरूका
स्मृति में शेष
गद्य :: बेजी जैसन
मैं एक पत्ती को देखती हूँ और उससे अपनी आस जोड़ लेती हूँ
आन येदरलुंड की कविताएँ :: अनुवाद और प्रस्तुति : गार्गी मिश्र
हम सबको फेमिनिस्ट होना चाहिए
स्त्रीवाद और स्त्रीवादियों पर :: चिमामंडा न्गोजी अदिची अनुवाद और प्रस्तुति : यादवेंद्र
कविता मेरे अधिकारों के विषय में
जून जॉर्डन की एक कविता :: अनुवाद और प्रस्तुति : अनुराधा सिंह