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कविताएँ :: मणिबेन पटेल हाउस हसबैंड बनना चाहता है हीरामन आजकल हीरामन को जगा है नया शौक़ हाउसवाइफ़ की तर्ज़ पर वह बनना चाहता है हाउस हसबैंड ...अब नौकरी के लिए कौन भटके उधर से इधर इधर से उधर हीराबाई कमाकर लाएगी और मौज उड़ाएगा हीरामन दोस्तों से गप्प लड़ाएगा भर दिन...
कविताएँ :: लता खत्री रिश्तेदारों में जाते हुए रिश्तेदारों में जाते हुए पहनने होते गहने खिले रंग के कपड़े चूड़ियों से भरे हाथ सिर पर पल्लू थोड़ा आगे तक खींचा हुआ जातरुओं को फेरी देनी होती और भैरू जी को चढ़ाना रहता चूरमा— सवा किलो मंगतों के लाचारी भरे...
इलेन काह्न की कविताएँ :: अँग्रेज़ी से अनुवाद : देवेश पथ सारिया औरतें दुःख की नुमाइश के लिए पहनती हैं वस्त्र आज मेरे थेरेपिस्ट ने सुझाव दिया कि मैं क़ब्रों के ऊपर लेटकर देखूँ उसके गालों पर एक पत्ती अटकी थी पर मैंने बताया नहीं...
जसविंदर सीरत की कविताएँ :: पंजाबी से अनुवाद : रुस्तम डिबियों वाली चद्दर हर रोज़ डिबियों वाली चद्दर में तलाशती हूँ उसे कभी आँखों से कभी हाथों से टटोलती-टटोलती सो जाती हूँ बीते पहर जिस्म पर अपने ही हाथ रेंगते महसूस होते हैं जैसे जकड़ रहा हो कोई मुझे मेरे अस्तित्व से परे उस रात कितनी अकेली...
कविताएँ :: मीनाक्षी मिश्र नींद अब एक रंग बदलती चिड़िया है पहले उच्छृंखल नहीं थी इतनी देह के अहाते में उड़ती फुदकती आ ही जाती थी अपनी अनिवार्य उपस्थिति दर्ज कराने नींद अब एक रंग बदलती चिड़िया है किसी दृश्य में बँधती नहीं स्पैक्ट्रम में इसके धूमिल रंग...
कविताएँ :: सोनू यशराज मैं तुम्हें प्यार करता हूँ नाद्या चेखव की कहानी ‘छोटा-सा मज़ाक़’ की नाद्या के लिए महज़ शब्द थे जो उछाले गए तुम्हारे कानों में हर बार उन्हीं शब्दों के सहारे अपरिचित संभावनाओं के मध्य झूलती पहाड़ी कगार से नीचे मैदान तक जाने कितनी बार...