कविता :: अजंता देव
Posts tagged विचार
‘बाबुल की दुआएँ लेती जा…’ जैसे गीत बेटियों को मूर्ख बनाने के लिए लिखे गए
कविताएँ :: यशस्वी पाठक
मैंने ख़ुद को वैसे देखा जैसे दूसरे मुझे देखते थे और मैंने अपने आपसे नफ़रत करना शुरू कर दिया
फ़र्नांदो पेसोआ की डायरी :: अँग्रेज़ी से अनुवाद : आसित आदित्य
घर कभी नहीं चाहता उन लोगों पर गिरना जो उसमें रहते हों
कविताएँ :: शहबाज़ रिज़वी
नहीं भी सही जगह इस्तेमाल हो तो बच जाती हैं घटित होने से कई त्रासदियाँ
कविताएँ :: शचीन्द्र आर्य
हमने थाल बजाकर साँपों को घर में लिया
संदीप शिवाजीराव जगदाले की कविताएँ :: मराठी से अनुवाद : सुनीता डागा