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लहरें

औरतों का उग्र होना उनके जीने का नमक है

in कविताएँ क्वियर हिंदी कविता on अक्टूबर 11, 2024 अक्टूबर 11, 2024

कविताएँ :: ज्योति रीता

उम्र एक जादुई पत्थर है जो हमारे सिरहाने रखा हुआ है

in कविताएँ हिंदी कविता on अक्टूबर 10, 2024 अक्टूबर 10, 2024

कविताएँ :: गार्गी मिश्र

राजा का राज रहेगा लेकिन धरती हमेशा गाँव के बैगा की होगी

in कविताएँ बहुभाषिकता हिंदी कविता on अक्टूबर 9, 2024 अक्टूबर 9, 2024

कविताएँ :: पार्वती तिर्की

प्रेम की एक कविता लिख सकती है वह औरत जिसका जीवन प्रेम से सदैव रिक्त रहा

in कविताएँ हिंदी कविता on अक्टूबर 8, 2024 अक्टूबर 8, 2024

कविताएँ :: मानसी गोस्वामी

मैं रहती हूँ चीज़ों के कमरे में

in कविताएँ हिंदी कविता on अक्टूबर 7, 2024 अक्टूबर 7, 2024

कविताएँ :: मनीषा जोषी

विश्वविद्यालयों में प्रोफ़ेसर अब मुश्किल से ही बचे थे

in कविताएँ हिंदी कविता on अक्टूबर 6, 2024 अक्टूबर 6, 2024

कविताएँ :: प्रीति चौधरी

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COPYRIGHT © 2013-2025. सर्वाधिकार सुरक्षित। इस पत्रिका का कोई भी हिस्सा किसी भी रूप में या किसी भी माध्यम, जिसमें सूचना संग्रहण और सूचना संसाधन की विधियाँ सम्मिलित हैं, द्वारा प्रकाशक अथवा संपादकों की पूर्वानुमति के बिना पुनरुत्पादित नहीं किया जा सकता सिवाय एक समीक्षक के जो समीक्षा में संक्षिप्त अंशों को उद्धृत कर सकता है। प्रकाशित रचनाओं का कॉपीराइट लेखकों/अनुवादकों/कलाकारों का है।

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