यानुष षुबेर की कविताएं :: अनुवाद और प्रस्तुति : उदय शंकर
‘साहित्य पूरी तरह आत्मकथाओं से भरा पड़ा है’
बातें :: रॉबर्तो बोलान्यो से कार्मेन बोयोषा अनुवाद : संध्या कुलकर्णी
लेनिन
कवितावार में सच्चिदानंद राउतराय की कविता :: ओड़िया से अनुवाद : राजेंद्र प्रसाद मिश्र
मेरे लेखन के स्वर्णिम क्षण
चाबुक :: सुशील सिद्धार्थ
एक अविचल पद
ध्रुपद पर :: प्रवीण झा
जब मैं उसे देखना चाहता हूँ
विष्णुप्रसाद की कविताएं :: मलयालम से अनुवाद : बाबू रामचंद्रन