बेबी शॉ की कविताएँ :: बांग्ला से अनुवाद : सुलोचना वर्मा
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रात में प्रेम चढ़ जाता है चाँद पर और उछाल देता है मछलियाँ पानी के आसमान में
कविताएँ :: सुजाता गुप्ता
रूखे मौन के आवरण से ढक लिया अपना आप
प्रोमिला मन्हास की कविताएँ :: डोगरी से अनुवाद : कमल जीत चौधरी
अब तक मुझे हराए रखा है तुम्हारी ताक़त ने नहीं, तुम्हारी दहशत ने
सलमा की कविताएँ :: अनुवाद : जे सुशील
जन्म के वक़्त मैं रोई थी किस भाषा में अब याद नहीं, पर वही थी शायद मेरी भाषा
कविताएँ :: मनीषा जोषी
धीरे-धीरे क़ैद हो जाएगा पूरा संसार एक चुप्पी में
कविताएँ :: महिमा कुशवाहा