कवितावार में भारत भूषण की कविता ::
जब वास्तविकता ढह रही हो
दिलीप चित्रे की कविताएँ :: मराठी और अँग्रेज़ी से अनुवाद : तुषार धवल
बीनियाँ और धामन
सूफ़ी कविता :: सुमन मिश्र
दुःख की घाटी में, पंख फैलाओ
सुजान सौन्टैग के कुछ उद्धरण :: अनुवाद : सरिता शर्मा
मेरे हृदय ने गूँजना बंद कर दिया है
आग़ा शाहिद अली की कविताएँ :: अनुवाद : अमित तिवारी
‘मैं एक व्यक्ति के तौर बहुत राजनीतिक आदमी हूँ’
बातें :: अभिषेक मजूमदार से अमितेश कुमार