सदानीरा सदानीरा

  • मुखपृष्ठ
  • लहरें
    • शुरुआत
    • कविताएँ
      • विश्व कविता
      • भारतीय कविता
      • हिंदी कविता
      • कवितावार
    • बातें
    • गद्य
    • आलोचना
    • ग्राफिक गल्प
    • तस्वीरें
    • चाबुक
    • रपट
    • चिट्ठियाँ
    • उद्धरण
  • पूर्व अंक
  • कविता-पाठ
  • परिचय
  • संपर्क
  • संस्थापक

लहरें

या तुम ही हो यह अरण्य रोता हुआ

in कविताएँ भारतीय कविता on अप्रैल 5, 2018 फ़रवरी 23, 2020

अरुण कोलटकर की कविताएं :: अनुवाद और प्रस्तुति : प्रतिभा

मैं ‘यूनिवर्सिटी कल्चर’ का हिस्सा क्यों नहीं बनना चाहता

in गद्य चाबुक on अप्रैल 4, 2018 फ़रवरी 23, 2020

नस्र :: तसनीफ़ हैदर

मैं कभी मृत्यु पर नहीं हंसता हूं

in कविताएँ विश्व कविता on अप्रैल 3, 2018 मई 22, 2020

हावियर हिरॉद की कविताएं :: अनुवाद : आग्नेय

49 वर्षों बाद… कवि हावियर हिरॉद का आखिरी शब्द!

in गद्य on अप्रैल 2, 2018 फ़रवरी 23, 2020

पाठ :: अर्मान्दो ओरोजको तोवार अनुवाद : पल्लवी प्रसाद

‘पहले सीख लूं एक सामाजिक भाषा में रोना’

in आलोचना गद्य on अप्रैल 1, 2018 अक्टूबर 15, 2024

‘धूल की जगह’ पर कुछ स्ट्रोक्स :: सुधांशु फ़िरदौस

एक कवि से बातचीत

in कविताएँ कवितावार विश्व कविता on अप्रैल 1, 2018 फ़रवरी 23, 2020

कवितावार में मिरोस्लाव होलुब की कविता :: अनुवाद : प्रयाग शुक्ल

Posts navigation

Prev Page 1 … Page 183 Page 184 Page 185 … Page 197 Next

COPYRIGHT © 2013-2025. सर्वाधिकार सुरक्षित। इस पत्रिका का कोई भी हिस्सा किसी भी रूप में या किसी भी माध्यम, जिसमें सूचना संग्रहण और सूचना संसाधन की विधियाँ सम्मिलित हैं, द्वारा प्रकाशक अथवा संपादकों की पूर्वानुमति के बिना पुनरुत्पादित नहीं किया जा सकता सिवाय एक समीक्षक के जो समीक्षा में संक्षिप्त अंशों को उद्धृत कर सकता है। प्रकाशित रचनाओं का कॉपीराइट लेखकों/अनुवादकों/कलाकारों का है।

परिचय | संपर्क

 

Powered by: Zwantum

 Share This
 Facebook
 WhatsApp
 Telegram
 Copy

Share on Mastodon