तनवीर अंजुम की नज़्में :: उर्दू से लिप्यंतरण : मुमताज़ इक़बाल
Posts tagged विचार
कुछ अच्छा होने का स्वाँग रचना भर जीवन है क्या
कविताएँ :: प्राची
ख़्वाब में एक नज़्म ख़ुद को देखती है और ख़्वाब से बाहर आ जाती है
ज़ीशान साहिल की नज़्में :: उर्दू से लिप्यंतरण : मुमताज़ इक़बाल
टिप्पणियाँ ही बोती हैं और टिप्पणियाँ काटती हैं
लुडविग विट्गेन्स्टाइन के उद्धरण :: अनुवाद : अशोक वोहरा
यह कैसी विडंबना है कि हमारी गर्दन पर रखे पाँव पर हम फूल चढ़ाते हैं
कविताएँ :: रूपेश चौरसिया
वह एक अच्छी स्त्री है—उसने सोचा—ऐसी स्त्री जिसकी अच्छाई कष्टप्रद है
हान कांग के उद्धरण :: अँग्रेज़ी से अनुवाद : सरिता शर्मा