कविताएँ :: हरे प्रकाश उपाध्याय
Posts tagged विचार
ख़्वाहिश और कितना आसान था सब
कविताएँ :: रत्नेश कुमार
नज़्म वेटिंग लाउंज में बैठी मुसाफ़िर लड़कियों के हाथ का सामान है
नसीर अहमद नासिर की नज़्में :: उर्दू से लिप्यंतरण : मुमताज़ इक़बाल
धान की डेहरी में मनही की तरह सोता है मेरे भीतर देवरिया
कविताएँ :: विवेक कुमार शुक्ल
अगर तुम जीना चाहते हो तो तुम्हें पहले अपने अंतिम संस्कार में शामिल होना चाहिए
कैथरीन मैन्सफ़ील्ड के उद्धरण :: अँग्रेज़ी से अनुवाद : सरिता शर्मा
मैं चाहता हूँ हर चीज़ का विकल्प होना, मैं चाहता हूँ जल्दी ही निर्विकल्प होना
कविताएँ :: देवी प्रसाद मिश्र