कविताएँ :: राही डूमरचीर
Posts tagged हिंदी कविता
मैं सदियों इंतिज़ार करूँगा उस सत्य का जिसके सपने ने मुझे आदमी बनाया
कविताएँ :: विमलेश त्रिपाठी
रात में प्रेम चढ़ जाता है चाँद पर और उछाल देता है मछलियाँ पानी के आसमान में
कविताएँ :: सुजाता गुप्ता
आवाज़ लगाने से भी कम होती है दूरी
कविताएँ :: शिवम तोमर
पुरातत्त्ववेत्ता भरभराकर रो पड़ेगा उसमें बची जीवटता देखकर
कविताएँ :: नीरज
जन्म के वक़्त मैं रोई थी किस भाषा में अब याद नहीं, पर वही थी शायद मेरी भाषा
कविताएँ :: मनीषा जोषी