कविताएँ :: मनीषा जोषी
Posts tagged विचार
दुनिया नहीं बोलती—यहाँ—सिर्फ़ दुनिया की पुरानी आदतें बोलती हैं
कविताएँ :: संदीप रावत
मेरी समझ से परे है आज की प्रेम-कविता आज से पहले की भी और सबसे पहली प्रेम-कविता भी
कविताएँ :: अभिजीत
मेरे पास विदा का कोई समुचित वाक्य नहीं
कविताएँ :: पंकज प्रखर
पेड़ और पत्तों की सहमति से आता है पतझड़, पेड़ और पत्तों की सहमति से ही विदा लेता है
कविताएँ :: जितेंद्र सिंह
अगम्य अँधेरे में वह खड़ा है शांत
कविताएँ :: गोविंद निषाद