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लहरें

अपने ही देश में पराए हो जाने का दंश

in गद्य on सितम्बर 4, 2020 सितम्बर 4, 2020

आलेख :: शुभनीत कौशिक

सज्जनो, यह दुनिया अरुचिकर है

in उद्धरण on अगस्त 31, 2020 अगस्त 31, 2020

निकोलाई गोगोल के कुछ उद्धरण :: अँग्रेज़ी से अनुवाद : सरिता शर्मा

सच पहला अक़ीदा था हमारा

in कविताएँ भारतीय कविता on अगस्त 30, 2020 अगस्त 30, 2020

नज़्में :: बकुल देव

मृत्यु के बग़ल वाले कमरे में रहता है प्रेम

in कविताएँ भारतीय कविता on अगस्त 29, 2020 अक्टूबर 7, 2022

हरिशंकरन अशोकन की कविताएँ :: मलयालम से अनुवाद : बाबू रामचंद्रन

मैं शकुंतला नहीं जिसे तुम भूल जाओ

in कविताएँ भारतीय कविता on अगस्त 28, 2020 अगस्त 28, 2020

डॉ. वनिता की कविताएँ :: पंजाबी से अनुवाद : सुदर्शन शर्मा

नग्नता को मैं नग्नता की ही आँखों से देखती हूँ

in कविताएँ भारतीय कविता on अगस्त 27, 2020 अगस्त 27, 2020

मंदाक्रांता सेन की कविताएँ :: बांग्ला से अनुवाद : उत्पल बैनर्जी

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