एदुआर्दो गालेआनो की गद्य कविताएं :: अनुवाद और प्रस्तुति : यादवेंद्र
नदियों के बारे में
चार कवि, चार कविताएं :: अनुवाद और प्रस्तुति : आग्नेय
सपने में मैं सपना देख रहा था
रॉबर्तो बोलान्यो की कविताएं :: अनुवाद और प्रस्तुति : उदय शंकर
इधर से किधर, साथी
ग्राफिक गल्प :: प्रमोद सिंह
एक पूरा चक्र
कुंवर नारायण के अंतिम काव्य ‘कुमारजीव’ पर :: पंकज बोस
नया अंक : वर्ष 5, अंक 17
क्रम :: शरद 2017 या त्रा एं