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लहरें

घोड़े तब तक अधीन हैं जब तक वे दौड़ सकते हैं

in कविताएँ विश्व कविता on अप्रैल 15, 2024 अप्रैल 15, 2024

 

कहानी में एक मोड़ आया

in गद्य on अप्रैल 9, 2024 अप्रैल 9, 2024

कथाएँ :: कमल जीत चौधरी

एक रात की याद में राख हो जाता है फूल

in कविताएँ विश्व कविता on अप्रैल 6, 2024 अप्रैल 6, 2024

म्याओ-यी तू की कविताएँ :: अँग्रेज़ी से अनुवाद : देवेश पथ सारिया

क्या दुर्लभ को शिकार बनाया जाना चाहिए

in कविताएँ विश्व कविता on अप्रैल 5, 2024 अप्रैल 5, 2024

शीह पी-शु की कविताएँ :: अनुवाद : देवेश पथ सारिया

जब मुझे असभ्य हो जाना चाहिए था

in कविताएँ हिंदी कविता on अप्रैल 4, 2024 अप्रैल 4, 2024

कविताएँ :: प्रदीप अवस्थी

दुनिया में सबसे आसान होता है घर लौटना

in कविताएँ हिंदी कविता on अप्रैल 2, 2024 अप्रैल 2, 2024

कविताएँ :: प्रतीक ओझा

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