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लहरें

सब्र रखो, तुम्हारा फल पकेगा आख़िरकार

in कविताएँ तस्वीरें विश्व कविता on नवम्बर 16, 2020 नवम्बर 16, 2020

यंग शन शुन की कविताएँ :: अँग्रेज़ी से अनुवाद : देवेश पथ सारिया

आस का उजास

in गद्य तस्वीरें on नवम्बर 13, 2020 नवम्बर 13, 2020

चित्रकथा :: मोनिका कुमार

मैं स्वयं से पूछा करता था—मैं इतना मूर्ख क्यों हूँ

in उद्धरण on नवम्बर 12, 2020 नवम्बर 12, 2020

फ़्योदोर दोस्तोयेवस्की के कुछ उद्धरण :: अँग्रेज़ी से अनुवाद : आसित आदित्य

वह जवान होकर बूढ़ों की तरह लिखता था

in गद्य on नवम्बर 11, 2020 नवम्बर 11, 2020

‘प्रकाश’ प्रसंग :: निशांत

समय में समय की कथा लिखने की इच्छा धारे हूँ

in कविताएँ हिंदी कविता on नवम्बर 11, 2020 नवम्बर 11, 2020

कविताएँ :: प्रकाश

वहीं के वहीं रहना

in गद्य चाबुक on नवम्बर 10, 2020 नवम्बर 10, 2020

व्यंग्य :: प्रचण्ड प्रवीर

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COPYRIGHT © 2013-2025. सर्वाधिकार सुरक्षित। इस पत्रिका का कोई भी हिस्सा किसी भी रूप में या किसी भी माध्यम, जिसमें सूचना संग्रहण और सूचना संसाधन की विधियाँ सम्मिलित हैं, द्वारा प्रकाशक अथवा संपादकों की पूर्वानुमति के बिना पुनरुत्पादित नहीं किया जा सकता सिवाय एक समीक्षक के जो समीक्षा में संक्षिप्त अंशों को उद्धृत कर सकता है। प्रकाशित रचनाओं का कॉपीराइट लेखकों/अनुवादकों/कलाकारों का है।

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