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लहरें

जब मैं विचारता हूँ किस तरह मेरा आलोक व्यय हुआ

in कविताएँ कवितावार विश्व कविता on नवम्बर 1, 2020 नवम्बर 1, 2020

कवितावार में जॉन मिल्टन की कविता :: अँग्रेज़ी से अनुवाद : रीनू तलवाड़ और प्रचण्ड प्रवीर

रहिए अब ऐसी जगह चलकर

in गद्य चाबुक on अक्टूबर 25, 2020 अक्टूबर 26, 2020

व्यंग्य :: प्रचण्ड प्रवीर

पवित्र, शाश्वत और सुहावना आज

in कविताएँ विश्व कविता on अक्टूबर 23, 2020 अक्टूबर 23, 2020

स्टीफेन मलार्मे की कविताएँ :: फ़्रेंच से अनुवाद : मदन पाल सिंह

देह की संवेदनाएँ मुझे एक-एक कर चिढ़ाती हैं

in कविताएँ तस्वीरें हिंदी कविता on अक्टूबर 16, 2020 अप्रैल 6, 2023

कविताएँ और तस्वीरें :: शोभा प्रभाकर

आत्महत्या का विचार एक ख़ूबसूरत सांत्वना है

in उद्धरण on अक्टूबर 15, 2020 अक्टूबर 15, 2020

फ़्रेडरिक नीत्शे के कुछ उद्धरण :: अँग्रेज़ी से अनुवाद : आसित आदित्य

मैं अपनी लटों से उसका कफ़न सिलूँगी

in कविताएँ विश्व कविता on अक्टूबर 14, 2020 अक्टूबर 14, 2020

कुछ लांदेज :: अँग्रेज़ी से अनुवाद और प्रस्तुति : नीता पोरवाल

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