शुकरु एरबाश की कविताएँ :: तुर्की से अनुवाद : निशांत कौशिक
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मैं ज़ख़्मों के बिना नहीं मरना चाहता
चक पॉलनीक के कुछ उद्धरण :: अँग्रेज़ी से अनुवाद : निशांत कौशिक
लाखों मारे गए, जबकि हर कोई निर्दोष था
चार्ल्स सिमिक की कविताएँ :: अँग्रेज़ी से अनुवाद : सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज
‘किसी किशोरवय बालक की तरह लोग हिंदी में प्रयोग करते हैं’
बातें :: डेज़ी रॉकवेल से जे सुशील
जागो उस घर में जो नष्ट होने वाला हो
नज़्वान दर्विश की कविताएँ :: अँग्रेज़ी से अनुवाद : जितेंद्र कुमार त्रिपाठी
तुम्हारे जूतों में चमक रहा है मेरा आकाश
फ़रीबा शाद्लू की कविताएँ :: अँग्रेज़ी से अनुवाद : जितेंद्र कुमार त्रिपाठी