शुलामिथ फ़ायरस्टोन के कुछ उद्धरण :: अँग्रेज़ी से अनुवाद : सरिता शर्मा
Posts tagged स्त्री विमर्श
पी हुई प्यास रिसती है
शरयू असोलकर की कविताएँ :: मराठी से अनुवाद : सुनीता डागा
चार पंक्तियों से आगे मैं बढ़ी ही नहीं
कविताएँ :: अर्पिता राठौर
युगों की अपरिमित तृष्णा लिए
आश्लेषा महाजन की कविताएँ :: मराठी से अनुवाद : सुनीता डागा
शायद मिल सकती हूँ मैं पंक्तियों के बीच
सुचिता खल्लाळ की कविताएँ :: मराठी से अनुवाद : सुनीता डागा
राह भूले मुसाफ़िर से मत पूछिए उसका गाँव
आसावरी काकडे की कविताएँ :: मराठी से अनुवाद : सुनीता डागा