सुजाता महाजन की कविताएँ :: मराठी से अनुवाद : सुनीता डागा
Posts tagged स्त्री विमर्श
मेरे मन में हर वक़्त पनपता रहता है एक पेड़
नीरजा की कविताएँ :: मराठी से अनुवाद : सुनीता डागा
मेरा ध्यान नहीं है कविता की तरफ़
अंजली कुलकर्णी की कविताएँ :: मराठी से अनुवाद : सुनीता डागा
दुनिया की सभी औरतों के लिए
मल्लिका अमर शेख़ की कविताएँ :: मराठी से अनुवाद : सुनीता डागा
पुरुष के नग्न सत्य की मेरी खोज
रजनी परुलेकर की कविताएँ :: मराठी से अनुवाद : सुनीता डागा
‘मैं एक भँवर में हूँ’
बातें :: बेजान मातुर से अनाहित पोतूरयान अँग्रेज़ी से अनुवाद : भरत यादव