मल्लिका अमर शेख़ की कविताएँ :: मराठी से अनुवाद : सुनीता डागा
Posts tagged स्त्री विमर्श
पुरुष के नग्न सत्य की मेरी खोज
रजनी परुलेकर की कविताएँ :: मराठी से अनुवाद : सुनीता डागा
‘मैं एक भँवर में हूँ’
बातें :: बेजान मातुर से अनाहित पोतूरयान अँग्रेज़ी से अनुवाद : भरत यादव
मेरे बाप पर मत जाना
सुमम थॉमस की एक कविता :: मलयालम से अनुवाद : बाबू रामचंद्रन और बेजी जैसन
जहाँ पर रची जाती हैं भ्रम की गाथाएँ
अनुराधा पाटिल की कविताएँ :: मराठी से अनुवाद : सुनीता डागा
अधूरा प्रयास करने वालों की भीड़ में
तरुणा खत्री की रेखाकृतियाँ और कविताएँ :: अँग्रेज़ी से अनुवाद : लता खत्री