कविताएँ :: मनोज कुमार झा
Posts tagged विचार
मेरे जीवन की शुरुआत और अंत तो स्पष्ट थे, मुझे बस बीच के हिस्से पर क़ाबू पाना था
ओउज़ अताय के कुछ उद्धरण :: तुर्की से अनुवाद और प्रस्तुति : निशांत कौशिक
द्रौपदी मुर्मू के राष्ट्रपति बनने के बाद
कविता :: बेबी शॉ
प्रेत 1/ मरहूम प्रेमी 1/ मोहल्ले का पागल 1
लंबी कविता :: अभिजीत
प्रत्येक व्यक्ति की अपनी मूर्खता है, लेकिन सबसे बड़ी मूर्खता है—मूर्खता का न होना
निकोस कज़ानज़ाकिस के उद्धरण :: अँग्रेज़ी से अनुवाद : आसित आदित्य
मुझमें केवल एक ही कमी थी कि मैं था
कविताएँ :: सोमेश शुक्ल