कविताएँ :: सुधांशु फ़िरदौस
इस नए साल कहीं परछाईं से झाँकती है एक धूमिल-सी संभावना आँखें खोल लेने की
ऐन वाल्डमेन की कविता :: अँग्रेज़ी से अनुवाद : देवेश पथ सारिया
किसी भी रात के सारे जुगनू नहीं पकड़े जा सकते
तनवीर अंजुम की नज़्में :: उर्दू से लिप्यंतरण : मुमताज़ इक़बाल
कुछ अच्छा होने का स्वाँग रचना भर जीवन है क्या
कविताएँ :: प्राची
लौटता हूँ अपनी स्मृतियों में जैसे सवारियों को गंतव्य पर छोड़ लौट आते हैं ख़ाली रिक्शे
कविताएँ :: शिवम चौबे
ख़्वाब में एक नज़्म ख़ुद को देखती है और ख़्वाब से बाहर आ जाती है
ज़ीशान साहिल की नज़्में :: उर्दू से लिप्यंतरण : मुमताज़ इक़बाल