नसीर अहमद नासिर की नज़्में :: उर्दू से लिप्यंतरण : मुमताज़ इक़बाल
धान की डेहरी में मनही की तरह सोता है मेरे भीतर देवरिया
कविताएँ :: विवेक कुमार शुक्ल
कोई एक कविता बचा लेगी मुझे
कविताएँ :: अजय नेगी
अगर तुम जीना चाहते हो तो तुम्हें पहले अपने अंतिम संस्कार में शामिल होना चाहिए
कैथरीन मैन्सफ़ील्ड के उद्धरण :: अँग्रेज़ी से अनुवाद : सरिता शर्मा
किसी नए की तरह
कविताएँ :: प्रेम वत्स
मैं चाहता हूँ हर चीज़ का विकल्प होना, मैं चाहता हूँ जल्दी ही निर्विकल्प होना
कविताएँ :: देवी प्रसाद मिश्र