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लहरें

अगर तुम जीना चाहते हो तो तुम्हें पहले अपने अंतिम संस्कार में शामिल होना चाहिए

in उद्धरण गद्य on जुलाई 22, 2024 जुलाई 22, 2024

कैथरीन मैन्सफ़ील्ड के उद्धरण :: अँग्रेज़ी से अनुवाद : सरिता शर्मा

किसी नए की तरह

in कविताएँ हिंदी कविता on जुलाई 8, 2024 जुलाई 8, 2024

कविताएँ :: प्रेम वत्स

मैं चाहता हूँ हर चीज़ का विकल्प होना, मैं चाहता हूँ जल्दी ही निर्विकल्प होना

in कविताएँ हिंदी कविता on जुलाई 5, 2024 जुलाई 5, 2024

कविताएँ :: देवी प्रसाद मिश्र

रात एक अच्छी उर्वर ज़मीन है—कविताओं को बोने के लिए

in कविताएँ विश्व कविता on जुलाई 4, 2024 जुलाई 4, 2024

होर्हे लुई बोर्हेस की कविताएँ :: अनुवाद और प्रस्तुति : अंचित

क्रांतिकारी होने की हर छलाँग का एक पैर रजाई के अंदर है

in कविताएँ हिंदी कविता on जुलाई 3, 2024 जुलाई 3, 2024

कविताएँ :: निशांत कौशिक

मैं बेहोश होने से ज़्यादा बेहोश होने की ‘वजह’ हो जाता हूँ

in कविताएँ भारतीय कविता हिंदी कविता on जुलाई 2, 2024 जुलाई 2, 2024

कविताएँ :: भूपिंदरप्रीत

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