कविताएँ :: यतीश कुमार
हमको रक़्स करना था, रक़्स कर न पाए हम
नज़्में :: इरशाद ख़ान सिकंदर
असमाप्त अपने में निहित समाप्त का शोक करता है
कविताएँ :: पीयूष दईया
मैं चाहता हूँ कि तुम उतने कमज़ोर हो जाओ जितना कमज़ोर मैं हूँ
मिलान कुंदेरा के कुछ उद्धरण :: अँग्रेज़ी से अनुवाद : सरिता शर्मा
नया अंक : वर्ष 10, अंक 29
क्रम :: ग्रीष्म 2023 बहुभाषिकता
सेब
कवितावार में मिशियो माडो की कविता :: अँग्रेज़ी से अनुवाद : उदयन वाजपेयी