सुनील गंगोपाध्याय की कविताएँ :: बांग्ला से अनुवाद : रोहित प्रसाद पथिक
फ़ंतासी, देरी, भूलो, चुम्बन काम न आएगा, करीमा बलोच
कविताएँ :: कुशाग्र अद्वैत
मैंने रूप से नहीं वस्तु से किया था प्रेम
कविताएँ :: आरती अबोध
सारा इतिहास वर्तमान है
एलिस वॉकर के कुछ उद्धरण :: अँग्रेज़ी से अनुवाद : सरिता शर्मा
भ्रम टूटने के दिन खड़े हैं बिल्कुल नुक्कड़ पर
प्रभा गणोरकर की कविताएँ :: मराठी से अनुवाद : सुनीता डागा
मैं बड़ा होने के लिए धरती पर ही रहता हूँ
ध्यान सिंह की कविताएँ :: डोगरी से अनुवाद : कमल जीत चौधरी