कविताएँ :: गुंजन उपाध्याय पाठक
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फ़रवरी
कविता :: देवी प्रसाद मिश्र
लाखों मारे गए, जबकि हर कोई निर्दोष था
चार्ल्स सिमिक की कविताएँ :: अँग्रेज़ी से अनुवाद : सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज
दुनिया किसी गर्भवती स्त्री का उभरा हुआ पेट है
कविताएँ :: अनुराग अनंत
जहाँ घर बनाने की चाह थी वे रास्ते के पड़ाव थे
कविताएँ :: दिनेश कुशवाह
जागो उस घर में जो नष्ट होने वाला हो
नज़्वान दर्विश की कविताएँ :: अँग्रेज़ी से अनुवाद : जितेंद्र कुमार त्रिपाठी