मेरिलियन नेल्सन की कविताएँ ::
अनुवाद और प्रस्तुति : विपिन चौधरी

अमेरिकी कवि, अनुवादक, बाल साहित्यकार, मेरिलियन नेल्सन का जन्म 26 अप्रैल 1946 को ओहियो के क्लीवलैंड में हुआ। मेरिलियन नेल्सन ने ऐतिहासिक विषयों के अलावा नस्लीय संबंधों और स्त्रीवाद के विषयों को अपने लेखन का हिस्सा बनाया है। चार दशकों से अधिक समय तक के अपने साहित्यिक जीवन में उनकी बीस से अधिक पुस्तकें प्रकाशित हुईं। उन्होंने कई पुस्तकों का अनुवाद किया और बच्चों के लिए भी साहित्य लिखा। इसके अलावा उनकी कविताओं की पाँच चैपबुक भी प्रकाशित हो चुकी हैं।

मेरिलियन नेल्सन, कनेक्टिकट विश्वविद्यालय में अँग्रेज़ी की प्रोफ़ेसर एमेरिटस हैं, साथ ही वह सोल माउंटेन रिट्रीट की संस्थापक और निदेशक हैं। 2001 से 2006 तक वह कनेक्टिकट राज्य की राजकवि रहीं। वर्ष 2013 में, नेल्सन अकादेमी ऑफ़ अमेरिकन पोएट्स की कुलाधिपति चुनी गईं।

मेरिलियन नेल्सन │ तस्वीर सौजन्य : Hartford Courant

बिस्तर के बग़ल में
सेंट मार्क एपिस्कोपल के लिए, गुड फ़्राइडे 1999

बिस्तर के साथ लगती डॉ. कर्वर की मेज़ पर
उनकी जेबघड़ी के नज़दीक,
सूखे पत्ते,
बीज समेत मिट्टी के नमूने,
स्फटिक के कंकड़,
ख़ुद को संबोधित नोट्स,
पत्र,
मारिया चाची की बाइबिल के भीतर,
मैरी नामक तेरह वर्ष की बच्ची को
सात सौ डॉलर की क़ीमत पर ग़ुलाम के रूप में बेचे जाने की
तह करके रखी गई रसीद,
सभी चीज़ें सावधानी से रखी हुई हैं

डॉ. कर्वर इन सबको
एक जगह से दूसरी जगह पर बदलते रहते हैं,
पंद्रह सेंट प्रतिदिन से मैरी अपना गुज़ारा करती थी
तीन सौ पचास डॉलर सभी बेटों के लिए,
मृत पैदा हुई दो बेटियाँ,
जिन्हें कर्वर्स के बच्चे लिखकर दफ़नाया गया है,
के लिए कोई राशि नहीं

यदि कर्वर को अपना चश्मा साफ़ करना याद रहता है
तो इस तेज़ रोशनी में उनकी शाम की पढ़ाई काफ़ी आसान हो जाती है,
वे इब्राहिम की फलती-फूलती, हैरान करने वाली,
इसाक के अपने पिता की बुद्धि पर पूरे भरोसे की
कहानी की तरफ़ मुड़ते हैं
मैरी की पूरी ज़िंदगी के एवज़ में सात सौ डॉलर!
वे सिर हिलाते हैं

घने जंगल में जब भेड़ा मिमियाता है,
इसाक…1इब्राहिम और सारा का बेटा। इब्राहिम ने परमेश्वर के लिए जिसका बलिदान कर दिया था। मेरी तरह…
केवल उन्हीं चीज़ों को समझ पाता है
हमेशा से आप सदा विश्वास कर सकते हो,
वे चीज़ें हैं,
प्राकृतिक व्यवस्था…
और ईश्वर का प्रेम

डॉ. कर्वर ने पन्ने को सही किया
और
अपनी माँ से मिलाने वाली एकमात्र निशानी
वाली पुस्तक बंद कर दी

उन्होंने अपने चश्मे की डंडियों को मोड़ा
और एक पल भर के लिए अपना सिर झुकाया
बाइबिल को मेज़ पर रखा जिसे रखना पहले वह भूल गए थे
और रोशनी की तरफ़ हाँफे
फिर वह लेटकर सपना देखने लगे
जैसे बिजली का लट्टू ठंडा हो रहा हो

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संदर्भ :

बेडसाइड रीडिंग, शीर्षक कविता में कवयित्री मेरिलियन नेल्सन ने महानतम भौतिक विज्ञानी अल्बर्ट आइंस्टीन के समकालीन, 20वीं सदी के सर्वाधिक प्रसिद्ध अश्वेत वैज्ञानिक, जॉर्ज वॉशिंग्टन कर्वर, की गतिविधियों को दर्ज करते हुए प्राकृतिक सौंदर्य में उनकी अभिरुचि, वैज्ञानिक संवेदना और धार्मिकता के बीच के घनिष्ठ संबंध को दर्शाने की कोशिश की है। अपने काव्य-संग्रह, ‘कर्वर : ए लाइफ़ इन पोएम्स’ में मेरिलियन नेल्सन ने डॉ. कर्वर की जीवनी को कविताओं के माध्यम से पाठकों के बीच में लाने का काम किया है।

स्रोत : Carver: A Life in Poems By Marilyn Nelson

बेटियाँ 1900

बरामदे पर गिर रही ढलवाँ रोशनी में
पाँच लड़कियाँ आपस में झगड़ रही हैं
सबसे बड़ी बेटी,
उन नई सच्चाइयों संग घर आई है,
जिन्हें अपनी बहनों को सिखाने का इंतज़ार
शायद ही वह कर सके

ड्योढ़ी पर तिरछे पड़ते प्रकाश में
वह अपनी बहनों को समझाती है :
आसमान को टटोलती छोटी लड़कियाँ,
अपनी कोहनियों को पसलियों की तरफ़ मोड़कर
आह भरती हैं

बरामदे के ढलवाँ प्रकाश में
नीली टहनियों वाली सनौबर के छोटे पौधे से,
जिसकी पत्तियाँ नई सच्चाइयों की तरह पीली-भूरी हैं,
नीले रंग के बेल-बूटों वाले कपड़े,
जिनकी पत्तियाँ नई सच्चाइयों की तरह पीली-भूरी हैं,
पहने ये बेटियाँ
वे शायद ही ख़ुद सीखने के लिए इंतज़ार कर सकते हैं,
ताकि उनको ‘मैडम’ कहा जाए

ऊँची एड़ी के सैंडल पहनकर
झूलते हुए पुल के पार वाले शहर
जाने वाली ये पाँच बेटियाँ

इन ख़ूबसूरत बेटियों,
जिन्हें पोंप और उनकी पत्नी ऐन ने जन्म दिया है,
को कुछ पलों तक निहारने के लिए पोंप
अपना अख़बार नीचे करते हैं,
वे अपनी बेटियों को थोड़ी दुनियादारी सिखाना चाहते हैं
जिन्हें सीखने का सब्र
शायद ही उनके पास है

सबसे बड़ी बेटी नाक से साँस खींचते हुए बोलती है—
‘‘किसी स्त्री को खरोंच नहीं आनी चाहिए’’
तीसरी नाक से आवाज़ करती है,
‘‘नॉक, नॉक : घर पर कोई घर नहीं’’
चौथी स्वीकार करती है—
‘‘ठीक है, शायद चर्च में नहीं…’’
बरसाती पर झुकी हुई चमक में पाँच बेटियाँ

स्रोत : poetryfoundation.org/poets/marilyn-nelson

मैंने कविता की खोज कैसे की

अपनी मेज़ से मिसेज़ पुर्डी जिस तरह से
कविता के शब्दों को
मेरे मुँह में उड़ेल रही थीं
वह आत्मा को चूमने जैसा ही दृश्य था

कक्षा के बाक़ी बच्चों की
कविता में रत्ती भर भी रुचि नहीं थी
जबकि मिसेज़ पुर्डी और मैं,
माउंट परनासस की हवाओं में बादलों से
उड़ रहे थे
श्रीमती पुर्डी ने कक्षा के किनारे बैठी
सबसे गहरी आँखोंवाली लड़की यानी मुझे
ज़रूर देखा होगा :
अगले दिन उन्होंने मुझे एक कविता लाकर दी
जो उन्होंने ख़ासतौर पर सारी कक्षा को पढ़कर सुनाने के लिए
मुझ अकेली अश्वेत के लिए चुनी थी

उस कविता को पढ़ने के लिए मुझे कहते समय
वह मुस्कुराईं,
ज़ोर से मुस्कुराईं,
और कहा, ओह! हाँ मैं कर सकती थी
वह और अधिक मुस्कुराईं
जब तक खड़े होकर मैं
अपने मुँह को बैंजो में तब्दील कर
डार्कीज़2अश्वेत व्यक्ति, पिकैनिनीज़3एक छोटा अश्वेत बच्चा, डिसेस4अपमानित करना और डैट्स5हैरान होना शब्दों वाली उस कविता को बजाती रही
मैंने अपना कविता-पाठ समाप्त किया
मेरे सहपाठी फ़र्श को देखते रहे
शब्दों की शक्ति से मंत्रमुग्ध हो
हम नि:शब्द
अपनी बस की तरफ़ चल दिए

स्रोत : poetryfoundation.org/poets/marilyn-nelson


विपिन चौधरी से परिचय के लिए यहाँ देखें : ट्रांसजेंडर कविता की प्रेरणा : लेस्बियन कविता

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