केट शोपैं के कुछ उद्धरण :: अँग्रेज़ी से अनुवाद : सरिता शर्मा
Posts tagged स्त्री विमर्श
नदियाँ हड्डियों को पवित्र नहीं करतीं
कविताएँ :: नेहा नरूका
अँधेरे में सिर्फ़ अँधेरा हाथ लगता है
कविताएँ :: पायल भारद्वाज
गिरे हुए पत्ते नहीं देख पाते अपना वसंत
कविताएँ :: सुजाता गुप्ता
बहुत ख़राब में से कुछ कामचलाऊ
कविताएँ :: ऐश्वर्य राज
मेरा पसंदीदा पाठ अब प्रेम नहीं रहा
कविताएँ :: स्मृति प्रशा