कविताएँ :: यतीश कुमार
Posts tagged लोक
जैसे अनंत सागर में कोई तूफ़ान पानी मथता है
कविताएँ :: अंचित
सूख जाती है जिनकी नदी उनको कहाँ ही आते हैं सपने
कविताएँ :: शिवम चौबे
उदास स्वरों की गलियाँ
कविताएँ :: ऋतेश कुमार
दुनिया किसी गर्भवती स्त्री का उभरा हुआ पेट है
कविताएँ :: अनुराग अनंत
जहाँ घर बनाने की चाह थी वे रास्ते के पड़ाव थे
कविताएँ :: दिनेश कुशवाह