सदानीरा सदानीरा

  • मुखपृष्ठ
  • लहरें
    • शुरुआत
    • कविताएँ
      • विश्व कविता
      • भारतीय कविता
      • हिंदी कविता
      • कवितावार
    • बातें
    • गद्य
    • आलोचना
    • ग्राफिक गल्प
    • तस्वीरें
    • चाबुक
    • रपट
    • चिट्ठियाँ
    • उद्धरण
  • पूर्व अंक
  • कविता-पाठ
  • परिचय
  • संपर्क
  • संस्थापक

लहरें

किसी भी रात के सारे जुगनू नहीं पकड़े जा सकते

in कविताएँ विश्व कविता on दिसम्बर 24, 2024 दिसम्बर 24, 2024

तनवीर अंजुम की नज़्में :: उर्दू से लिप्यंतरण : मुमताज़ इक़बाल

कुछ अच्छा होने का स्वाँग रचना भर जीवन है क्या

in कविताएँ हिंदी कविता on दिसम्बर 18, 2024 दिसम्बर 18, 2024

कविताएँ :: प्राची

लौटता हूँ अपनी स्मृतियों में जैसे सवारियों को गंतव्य पर छोड़ लौट आते हैं ख़ाली रिक्शे

in कविताएँ हिंदी कविता on दिसम्बर 16, 2024 दिसम्बर 16, 2024

कविताएँ :: शिवम चौबे

ख़्वाब में एक नज़्म ख़ुद को देखती है और ख़्वाब से बाहर आ जाती है

in कविताएँ विश्व कविता on दिसम्बर 14, 2024 दिसम्बर 14, 2024

ज़ीशान साहिल की नज़्में :: उर्दू से लिप्यंतरण : मुमताज़ इक़बाल

टिप्पणियाँ ही बोती हैं और टिप्पणियाँ काटती हैं

in उद्धरण गद्य on दिसम्बर 13, 2024 दिसम्बर 13, 2024

लुडविग विट्गेन्स्टाइन के उद्धरण :: अनुवाद : अशोक वोहरा

रोटी की त्रिज्या पृथ्वी की त्रिज्या से हमेशा बड़ी रही है

in कविताएँ हिंदी कविता on दिसम्बर 12, 2024 दिसम्बर 12, 2024

कविताएँ :: संस्कार उषा

Posts navigation

Prev Page 1 … Page 19 Page 20 Page 21 … Page 197 Next

COPYRIGHT © 2013-2025. सर्वाधिकार सुरक्षित। इस पत्रिका का कोई भी हिस्सा किसी भी रूप में या किसी भी माध्यम, जिसमें सूचना संग्रहण और सूचना संसाधन की विधियाँ सम्मिलित हैं, द्वारा प्रकाशक अथवा संपादकों की पूर्वानुमति के बिना पुनरुत्पादित नहीं किया जा सकता सिवाय एक समीक्षक के जो समीक्षा में संक्षिप्त अंशों को उद्धृत कर सकता है। प्रकाशित रचनाओं का कॉपीराइट लेखकों/अनुवादकों/कलाकारों का है।

परिचय | संपर्क

 

Powered by: Zwantum

 Share This
 Facebook
 WhatsApp
 Telegram
 Copy

Share on Mastodon