हाइरिल अनवर की कविताएँ :: अँग्रेज़ी से अनुवाद : जितेंद्र कुमार त्रिपाठी
मैं यहाँ खड़ा हूँ, क्या तुम समझते हो
ऊलाव हाउगे की कविता :: अनुवाद : रुस्तम सिंह
रोम के लिए मृत्युलेख
मिकोआई सेंप षजिंस्कि की कविता :: अनुवाद : सरिता शर्मा
छूट चुके और अन्य रंग
कविताएँ :: निखिल आनंद गिरि
स्त्री के साथ स्त्री हो जाने के लिए
कविताएँ :: ऐश्वर्य राज
बेघर होने के लिए घर से निकलना नहीं पड़ता
कविताएँ :: प्रतिभा किरण