ऐन कार्सन के उद्धरण ::
अँग्रेज़ी से अनुवाद : सरिता शर्मा

ऐन कार्सन | तस्वीर सौजन्य : The British Columbia Review

दुखद घटना क्यों होती है? क्योंकि तुम ग़ुस्से से भरे हो। तुम ग़ुस्से से क्यों भरे हो? क्योंकि तुम दुख से भरे हो।

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शब्द उछलते हैं। अगर तुम उन्हें आज़ाद छोड़ दो, तो शब्द वही करेंगे जो वे करना चाहते हैं और जो उन्हें करना है।

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साँस फूलने तक दौड़ना, लेकिन अभी तक मंज़िल तक न पहुँचना, अपने आपमें सुखद है; यह ज़िंदा उम्मीद का एक ठहरा हुआ पल है।

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इच्छा कोई मामूली चीज़ नहीं है।

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क्या तुम मेरे सपनों में आ सकते हो? इससे मेरा मन बहल जाएगा।

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रात में दोस्तों से मिलना अच्छा लगता है, चाहे वह समय कितना भी कम क्यों न हो।

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यह कहानी सुनाना आसान है कि लोग एक-दूसरे को कैसे चोट पहुँचाते हैं, बजाय इसके कि उन्हें क्या चीज़ एक-दूसरे से जोड़े रखती है।

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यथार्थ एक आवाज़ है; तुम्हें बस उसे सुनना है, न कि चिल्लाते रहना है।

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जब मैं तुम्हें पाना चाहती हूँ, तो मेरा एक हिस्सा मुझसे दूर चला जाता है…

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हर रात इसी समय वह उदासी को किसी कपड़े की तरह ओढ़ लेती है और लिखना जारी रखती है।

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सिलवटों के नीचे दर्द छिपा होता है।

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मुझे एक दुनिया दो, तुमने वह दुनिया छीन ली है जो मैं थी।

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मिथक उन लोगों की कहानियाँ हैं जो कुछ समय के लिए अपनी ज़िंदगी के दायरे से बहुत बड़े हो जाते हैं, जिससे वे दूसरी ज़िंदगियों से टकराते हैं या देवताओं के संपर्क में आते हैं। उनकी आत्माएँ संकट के समय दिखाई देती हैं।

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वह होमर के बाद और गर्टरूड स्टाइन से पहले आए थे—एक कवि के लिए यह अंतराल बहुत मुश्किल भरा था।

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इंसान समय के साथ आगे बढ़ता है। इसका कोई और मतलब नहीं है, बस इतना ही कि एक बार फेंके गए मछली पकड़ने वाले भाले की तरह, वह अपनी मंज़िल तक पहुँचेगा ही।

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समय किसी चीज़ से नहीं बना है। यह एक अमूर्त धारणा है। बस एक अर्थ है जिसे हम गति पर थोपते हैं।

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वापस आ जाओ! चाहे एक साये की तरह या एक सपने की तरह।

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मुझे कभी पता नहीं चलेगा कि तुम लाल रंग को कैसे देखती हो और तुम्हें कभी पता नहीं चलेगा कि मैं उसे कैसे देखता हूँ।

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अगर गद्य एक घर है, तो कविता उस घर में तेज़ी से भागता आग में घिरा हुआ इंसान है।

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तुम्हारा दुख उतना ही बड़ा है जितनी तुम्हारी शान-ओ-शौकत थी : कोई देवता दोनों को बराबर तौल रहा है।

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शरणार्थियों की आबादी भाषा के लिए भूखी होती है और जानती है कि कुछ भी हो सकता है।

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प्यार मुझे सौम्य या दयालु नहीं बनाता है।

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सैफ़ो की शुरुआत एक मीठे सेब से होती है और अंत कभी न ख़त्म होने वाली भूख पर।

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कभी-कभी सफ़र करना ज़रूरी हो जाता है।

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कभी-कभी मैं सपने में कोई वाक्य सोचती हूँ और उसे लिख लेती हूँ। आम तौर पर तो वह बेमतलब का होता है, लेकिन कभी-कभी लगता है कि वह किसी दूसरी दुनिया की चाबी है।

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तुम कहा करती थीं, “इच्छा दोगुनी हो जाए तो प्यार है और प्यार दोगुना हो जाए तो पागलपन है।”

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ऐन कार्सन [जन्म : 1950] इस वर्ष के नोबेल पुरस्कार से सम्मानित कनाडा की समादृत कवि-लेखक-अनुवादक हैं। प्राचीन यूनानी-रोमन साहित्य एवं संस्कृति का अध्ययन भी उनकी सक्रियताओं में रहा है। उनके यहाँ प्रस्तुत उद्धरण अँग्रेज़ी से हिंदी में अनुवाद करने के लिए goodreads.com से चुने गए हैं। सरिता शर्मा सुपरिचित हिंदी लेखिका-अनुवादक हैं। उनके अनुवाद में कुछ और संसारप्रसिद्ध लेखिकाओं के उद्धरण यहाँ पढ़ सकते हैं : अनाइस नीन │ हाना आरेन्ट │ सिमोन वेल │ एमिली ब्रॉण्टे │ वर्जीनिया वुल्फ │ सीमोन द बोउवार │ बेट्टी फ्रीडन │ सुजान सौन्टैग │ हेलेन सिक्सु │ कोलेट │ जर्मेन ग्रीयर │ हेर्टा म्युलर │ टोनी मॉरीसन │ डोरिस लेसिंग │ मार्गरेट ऐटवुड │ मैरी वोलस्टोनक्राफ़्ट │ मरीना त्स्वेतायेवा │ डेबरा फेडमैन │ जॉर्ज सैंड │ एलिस मुनरो │ नादीन गॉर्डिमर │ ग्लोरिया स्टायनेम │ जूलिया क्रिस्तेवा │ जे. के. रोलिंग │ एलिस वॉकर │शुलामिथ फ़ायरस्टोन │ केट शोपैं │बेल हुक्स │ऐनी एरनॉ │ अज़र नफ़ीसी │ कैथरीन मैन्सफ़ील्ड │ एडना ओ’ब्रायन | सामंथा हार्वे │ हान कांग│ कार्सन मैक्कुलर्स 

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